यूँ तो हम ने लाख हसीं देखे हैं, तुम सा नहीं देखा
उफ़ ये नज़र, उफ़ ये अदा
कौन ना अब होगा फिदा
जुल्फें हैं या बदलियाँ, आँखे हैं या बिजलियाँ
जाने किस किस की आयेगी कज़ा
तुम ना अगर बोलोगे सनम
मर तो नहीं जायेंगे हम
या परी, या हूर हो, इतने क्यो मगरूर हो
मान के तो देखो कभी किसी का कहा
उफ़ ये नज़र, उफ़ ये अदा
कौन ना अब होगा फिदा
जुल्फें हैं या बदलियाँ, आँखे हैं या बिजलियाँ
जाने किस किस की आयेगी कज़ा
तुम ना अगर बोलोगे सनम
मर तो नहीं जायेंगे हम
या परी, या हूर हो, इतने क्यो मगरूर हो
मान के तो देखो कभी किसी का कहा